Tuesday, July 30, 2019

chanakya niti in hindi


chanakya niti in hindi - चाणक्य नीति की 51 बातें जो आपका जीवन बदल सकती हैं


chanakya niti in hindi



1.      तीनों लोकों के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मैं एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूं.  मैं यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार लेकर कह रहा हूं
2.       झूठ बोलनाकठोरता,  छल करनाबेवकूफी करना,  पवित्रता और निर्दयता यह औरत के  कुछ  दुर्गुण है
3.       भोजन के योग्य पदार्थ और भोजन करने की क्षमता सुंदर स्त्री और उसे  भोगने के लिए काम शक्ति , पर्याप्त धनराज तथा दान देने की भावना  ऐसे संयोग होने का संभावना सामान्य तप का फल नहीं है.
4.       उस व्यक्ति ने धरती पर ही स्वर्ग पा लिया जिसका पुत्र आज्ञाकारी हैजिसकी पत्नी उसकी इच्छा के अनुरूप व्यवहार करते हैं, जिसे अपने धन पर संतोष है.
5.      पुत्र वही है जो पिता का कहना  मानता हो,  पिता वही है जो पुत्रों का पालन-पोषण करें और पत्नी वही है जिससे आप सुख प्राप्त करें,
6.       ऐसे लोगों से बचे जो आपके मुंह पर मीठी बातें करते हैं, लेकिन आपको पीठ पीछे आप को बर्बाद करने की सोचते हैं ऐसा करने वाले उस मिस के घड़े के समान है जिस की सतह पर दूध से भरी होती है.
7.       एक बुरे मित्र पर तो कभी विश्वास ना करें. एक अच्छे मित्र पर भी विश्वास ना करें. क्योंकि यदि लोग आप आप से रूठ गए तो आपके सभी राज से पर्दा खोल देंगे.
8.       मन में सोचे हुए कार्य को किसी के सामने प्रकट न करें बल्कि मन पूर्वक उसकी सुरक्षा करते हैं उसे कार्य में  करें.
9.       मूर्खता दुखदाई है, जवानी भी दुखदाई है लेकिन इन सबसे ज्यादा दुखदाई है दूसरे के घर जाकर उसका एहसान लेना.
10.   हर पर्वत पर मारी कि नहीं होते, हर हाथी के सर पर मणि नहीं होता, सज्जन पुरुष भी हर जगह नहीं होता और हर 1 में चंदन के वृक्ष भी नहीं होते.
11.   बुद्धिमान पिता को अपने पुत्रों के शुभ गुणों को सीख देनी चाहिए क्योंकि नीति और ज्ञानी व्यक्तियों की ही कुल में पूजा होती है.
12.   जो माता-पिता अपने बच्चों को शिक्षा नहीं देते हैं वह बच्चों के शत्रु के समान हैं.  क्योंकि वह विद्या हीन बालक विद्वानों की सभा में वैसे ही तिरस्कृत किए जाते हैं जैसे हम सो की सभा में  बगुले.
13.   लाड प्यार से बच्चों में गलत आदतें डालती हैं उन्हें कड़ी शिक्षा देने से अच्छी आते हैं और इसीलिए बच्चों को जरूरत पड़ने पर दंडित करें ज्यादा प्यार ना करें.
14.   एक ऐसा भी दिन नहीं जाना चाहिए जब आप के 1 श्लोकआधा श्लोक,  चौथाई श्लोक य इस लोक का केवल एक अक्षर नहीं सीखा क्योंकि अभ्यास  या कोई पवित्र कार्य नहीं किया.
15.   पत्नी का वियोग होनाअपने ही लोगों से बेइज्जत होनाबचा हुआ ऋण,  दुष्ट राजा की सेवा करनागरीब एवं दरिद्र ओं की सभा में यह 6  बातें शरीर को बिना अग्नि के ही जला देती हैं .
16.  नदी के किनारे वाले वृक्षदूसरे व्यक्ति के घर जाने अथवा रहने वाली स्त्री एवं बिना मंत्रियों का राजा यह सब निश्चय ही शीघ्र नष्ट हो जाते हैं.
17.   एक ब्राह्मण का बल तेज और विद्या है, एक राजा का बल उसकी सेना में है, एक वैश्या का बल उसकी दौलत में है तथा एक शूद्र का बल उसकी सेवा में है.
18.   वैश्या को निर्धन व्यक्ति को त्याग देना चाहिए, प्रजा को पराजित राजा को त्याग देना चाहिएपक्षियों को फल रहित व्रत जाग देना चाहिए और अतिथियों को भोजन करने के पश्चात मेजबान के घर से निकल लेना चाहिए.
19.   ब्राह्मण दक्षिणा मिलने के पश्चात अपने यजमान ओं को छोड़ देते हैंविद्वान विद्या प्राप्ति के बाद गुरु छोड़ देते हैं और पशु चले जा  जले हुए उनको त्याग देते हैं.
20.   जो व्यक्ति दुराचारी एवं बुरे स्थानों पर रहने वाले मनुष्य के साथ मित्रता करता है वह शीघ्र नष्ट हो जाता है.
21.   प्रेम और मित्रता बराबर वालों में अच्छी लगती है राजा के यहां  नौकरी करने वालों को ही सम्मान मिलता है व्यवसाय में  वाणिज्य सबसे अच्छा है एवं उत्तम गुणों वाली स्त्री अपने घर में सुरक्षित रहती है.
22.   इस दुनिया में ऐसा किसका घर है जिस पर कोई कलंक नहीं.  वह कौन है जो रोग और दुख से मुक्ति सदा सुख  किसको रहता है.
23.   लड़की का  विवाह अच्छे खानदान में करना चाहिएपुत्र को अच्छी शिक्षा देनी चाहिए,  शत्रु को आपत्ति और कष्टों में डालना चाहिएएवं मित्र को धर्म-कर्म में लगाना चाहिए.
24.   एक दुर्जन और एक सिर्फ मैया अंतर है कि  सांप तभी डंक मारेगा जब उसकी जान को खतरा होगा लेकिन दुर्जन पग-पग पर आप को हानि पहुंचाने की कोशिश करेगा.
25.   राजा लोग अपने आसपास अच्छे कुल के लोगों को इसलिए रखते हैं क्योंकि ऐसे लोग ना आरंभ मे ना बीच में और ना ही अंत में साथ छोड़ कर जाते हैं.
26.   जब प्रलय का समय आता है तो समुद्र भी अपनी मर्यादा छोड़कर किनारों को छोड़ अथवा तोड़ देते हैं लेकिन सज्जन पुरुष के समान भयंकर आपत्ति एवं विपत्ति में भी अपनी मर्यादा नहीं बदलते हैं,
27.   मूर्खों के साथ मित्रता नहीं करनी चाहिए उन्हें त्याग देना चाहिए क्योंकि प्रत्यक्ष रूप से वह दोपहर वाले पशु के समान है जो अपने धारदार वचनों से वैसे ही हृदय को छलनी करता है जैसे अदृश्य कांटा शरीर को घुसकर चलने करता है.
28.   रूप और यौवन संपन्ना कुलीन परिवार में जन्म लेना  पलाश के फूल के समान हैं जो सुंदर तो है लेकिन खुशबू रहित हैं.
29.   कोयल की सुंदरता उसके गायन में है एक स्त्री की सुंदरता उसके अपने परिवार के प्रति समर्पण में है और एक बदसूरत आदमी की सुंदरता उसके ज्ञान में एक तपस्वी की सुंदरता उसकी क्षमा शीलता में है.
30.   कुल की रक्षा के लिए एक सदस्य का बलिदान दे गांव की रक्षा के लिए एक कुल का बलिदान दे देश की रक्षा के लिए गांव का बलिदान दे आत्मा की रक्षा के लिए देश का  बलिदान दे.
31.   अत्यधिक सुंदरता के कारण सीता हरण हुआ, अत्यंत घमंड के कारन रावन का अंत हुआ, अत्यधिक दान देने के कारन रजा बाली को बंधन में बंधना पड़ा  अतः सर्वत्र अति को त्यागना चाहिए.
32.   पाकिस्तानी लोगों के लिए कौन सा कार्य कठिन है व्यापारियों के लिए कौनसा जगह दूर है विद्वानों के लिए कौन सा देश विदेश है  मधु भाषियों का कोई शत्रु नहीं है.
33.   जिस तरह सारा वन केवल एक ही पुष्पम सुगंध भरे वृक्ष से महक जाता है उसी तरह एक ही गुणवान पुत्र पुरे कुल का नाम बढ़ाता है.
34.   जिस प्रकार केवल एक सुखा हुआ जलता वृक्ष संपूर्ण वन को जला देता है उसी प्रकार एक ही कुपुत्र सरे कुल के मान मर्यादा और प्रतिष्ठा को नष्ट कर देता है.
35.   विद्वान एक सदाचारी एक ही पुत्र के कारण संपूर्ण परिवार वैसे खुशहाल रहता जिसे चंद्रमा निकलने पर  रात  जगमग आ उठती है.
36.   ऐसे अनेक पुत्र किस काम के जो दुख और निराशा पैदा करें इससे तो एक ही पुत्र अच्छा है जो संपूर्ण घर को सहारा और शांति प्रदान करें.
37.   5 साल तक पुत्र को लाल एवं प्यार से पालन करना चाहिए 10 साल तक उसे छड़ी की मार से डराए लेकिन जब वह 16 साल का हो जाए तो उसे मित्र के समान व्यवहार.
38.   वह व्यक्ति सुरक्षित रह सकता है जो नीचे दी गई हुई परिस्थितियों उत्पन्न होने जाने पर भाग जा,आपदा, विदेशी आक्रमण, भयंकर अकाल, दुष्ट व्यक्ति का संघ.
39.   जो व्यक्ति इन बातों को अर्जित नहीं करता वह बार-बार जन्म लेकर मरता है, धमर, अर्थ, काम, मोच.
40.   व्यक्ति कितने साल जिएगा, वह किस प्रकार का काम करेगा, उसके पास कितनी संपत्ति होगी और उसकी मृत्यु कब होगी.
41.   पुत्र मित्र सगे संबंधी साधुओं को देखकर दूर भागते हैं लेकिन जो लोग साधुओं का अनुसरण करते हैं उन्हें भक्ति जागृत होती है उनके पास उस पूर्ण से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है.
42.   जैसे मछली दृष्टि से कछुआ ध्यान देकर और पंछी स्पर्श करके अपने बच्चों को पालते हैं वैसे ही संत जन पुरुषों की संगति पुरुष का पालन पोषण करती है.
43.   जब आपका शरीर स्वस्थ है और आपके नियंत्रण में है उसी समय आत्मा साक्षात्कार का उपाय कर लेना चाहिए क्योंकि मृत्यु हो जाने के बाद कोई कुछ नहीं कर सकता.
44.   विद्या अर्जन करना एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है वह विदेश में माता के संरक्षक एवं हितकारी होती इसीलिए विद्या को एक गुप्त धन कहा जाता है.
45.   सैकड़ों रहित पुत्रों से अच्छा एक बूढ़ी पुत्र है क्योंकि एक चंद्रमा ही रात्रि के अंधकार को भगाता है असंख्य तारे यह काम नहीं करते.
46.   यह कैसा बालक जो जन्म वक्त मृत्यु था एक मूर्ख दीर्घायु बालक से बेहतर है पहला बालक जो एक क्षण के लिए दुख देता है दूसरा बालक उसके मां-बाप को जिंदगी भर दुख की अग्नि में जल आता है.
47.   गाय किस काम की जो ना तो दूध देती है ना बच्चों को जन्म देती है. उसी प्रकार उस बच्चे का जन्म किस काम का जो ना ही विद्वान हुआ ना ही भगवान का भक्त हुआ.
48.   जब व्यक्ति जीवन में दुख से जुड़ता है उसे निम्नलिखित बातों का सहारा देते हैं पुत्र और पुत्री, पत्नी, भगवान के भक्त.
49.   यह बातें एक बार ही होनी चाहिए राजा का बोलना, विद्वान व्यक्ति का बोलना, लड़की का ब्याह.
50.   वह अच्छी पत्नी है जो त्रिपुंड है, पारंगत है, शुद्ध है पति को प्रसन्न करने वाली है और सत्यवादी है.
51.   जिस व्यक्ति के पुत्र नहीं उसका घर उजाड़ है जिसके कोई संबंध ही नहीं उसकी सभी दिशाएं उजाड़ है मूर्ख व्यक्ति का हृदय उजाड़ है निर्धन व्यक्ति का सब कुछ उजाड़ है.

 अंतिम शब्द


 दोस्तों आपको हमारी यह पोस्ट कैसी लगी हमें आता है कि हम आपको हमारी यह पोस्ट बेहद अधिक पसंद आई होगी.  आपको अगर भविष्य में कुछ करना है तो चाणक्य की इन नीतियों का पालन करना चाहिए तभी आप आगे बढ़ पाएंगे ऐसी नीतियों के बारे में और जानने के लिए आप हमारी इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और इस वेबसाइट के ऊपर फिर से विजिट करें.  धन्यवाद! 


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